लंड का घमंड!

सो रहा था एक रोज़ लंड, रख कर टट्टों पर अपना सिर;

पास से हुआ चूत का गुज़र, लंड ने देखा उसे उठा कर सिर;

लंड ने पूछा जा रही हो किधर, अगर वक़्त हो तो ज़रा आ जा इधर;

चूत ने कहा अजी मुझे माफ़ कीजिये, पहले जो मुंह से टपक रहा है उसे साफ़ कीजिये;

लंड ने जो यह सुना तो वो गया बिगड़, फिर जो कुछ न होना था वो हो गया उधर;

चोद कर चूत को लंड सो गया फिर;

देख कर यह चूत बोली लंड से चुद जाने के बाद;

बात ही नहीं करते जनाब अपना मतलब निकल जाने के बाद!