चाहत तेरी पहचान है मेरी;
मोहब्बत तेरी शान है मेरी;
हो के जुदा तुझसे क्या रह पाउँगा;
तू तो आखिर जान है मेरी।
तुम, तब तक प्यार से प्यार मत करो;
कि प्यार तुम से प्यार ना करे;
प्यार को इतना प्यार करो;
कि प्यार किसी और से प्यार ना करे।
जवानी को ज़िंदगी का निखार कहते हैं;
पतझड़ को चमन का मजधार कहते हैं;
अजीब चलन है दुनिया का यारो;
एक धोखा है जिसे हम सब प्यार कहते हैं।
एक वादा किया था एक वादा निभाने के लिए;
एक दिल दिया था एक दिल पाने के लिए;
उसने मोहब्बत सिखा दी और कहा;
मैंने तो प्यार किया था तुम्हें आज़माने के लिए।
दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं;
झुकी निगाहों को इक़रार कहते हैं;
सिर्फ पाने का नाम इश्क़ नहीं;
कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं।
प्यार करने का हुनर हमें नहीं आता;
इसलिए प्यार की बाज़ी हम हार गये;
हमारी ज़िंदगी से उन्हें बहुत प्यार था;
शायद इसलिए वो हमें ज़िंदा ही मार गए।
चाह कर भी उसे अपना ना बना सके;
इश्क़ करके भी उन्हें ये जता ना सके;
दिल था हमारा कोई कागज़ का टुकड़ा नहीं;
इसलिए चीर कर कभी दिखा न सके।
रूठ जाओ कितना भी मना लेंगे;
दूर जाओ कितना भी बुला लेंगे;
दिल आखिर दिल है सागर की रेत तो नहीं;
कि नाम लिखकर उससे मिटा देंगे।
जिया इतना कि मरना मुश्किल हो गया;
हँसे इतना कि रोना मुश्किल हो गया;
किसी को पाना किस्मत की बात है;
चाहा इतना कि भुलाना मुश्किल हो गया।
कुछ लोग प्यार करते हैं निभाने के लिए;
कुछ लोग प्यार करते हैं भूल जाने के लिए;
प्यार करो तो ऐसा करो कि;
दोनों तड़पे एक दूसरे के पास आने के लिए।



