कुछ इस तरह से हम नजदीक आ चुके हैं;
खुद को तेरे वजूद का हिस्सा बना चुके हैं;
अब तो हमारे दर्द की कोई दुआ करो;
हम तो तुम्हें अपना मसीहा बना चुके हैं।
ना पूछो हाल मुझसे धड़कनो की रफ़्तार का;
असर आज भी है आँखों में मेरे दीदार का;
लिख दिया है अपना अफसाना लफ्ज़ो में तुझको;
सुन लो मेरी आवाज में एक नगमा प्यार का!
दिल तोड़ने वालों को सजा क्यों नहीं मिलती;
हर किसी को प्यार में सफलता क्यों नहीं मिलती;
लोग कहते हैं इश्क तो बीमारी है;
तो फिर मेडिकल स्टोर में इसकी दवा क्यों नहीं मिलती।
'प्यार' सभी करते हैं;
मगर;
कोई दिल से करता है;
तो;
कोई दिमाग से करता है।
तुम्हारा नाम फूल रखूं तो बिखर जाओगे;
दिल रखूं तो टूट जाओगे;
चलो बिजली रखता हूँ;
छोड़ कर जाओगे तो एक घंटे बाद वापस आ जाओगे।
महफ़िल कभी उदास नहीं होती;
प्यार की मंजिल इतनी पास नहीं होती;
होता है कभी-कभी ऐसा भी जिंदगी में;
मिल जाते हैं वो भी जिनकी कभी तलाश नहीं होती।
किसी को दिल का दिवाना पसंद है;
किसी को दिल का नजराना पसंद है;
औरों की पसंद तो हमें पता नहीं;
हमें तो आपका मुस्कुराना पसंद है।
नजरों से नजरों का टकराव होता है;
हर मोड़पर किसी का इंतज़ार होता है;
दिल रोता है जख्म हँसते हैं;
इसी का नाम ही प्यार होता है।
बरसों गुजर गए रोकर नहीं देखा;
आँखों में नींद थी सोकर नहीं देखा;
वो क्या जाने दर्द-ऐ-मोहब्बत क्या है;
जिसने कभी किसी का होकर नहीं देखा।
करो अगर प्यार तो धोखा मत देना;
चाहने वालों को दर्द का तोहफा मत देना;
आपकी याद में दिल से रोता हो जो वो;
प्यार में उसको कभी धोखा मत देना।



