इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।
कितनी नन्ही से परिभाषा है दोस्ती की;
मैं शब्द...
तुम अर्थ...
तुम बिन मैं व्यर्थ।
नज़र चाहती है दीदार करना;
दिल चाहता है प्यार करना;
क्या बताएं इस दिल का आलम;
नसीब में लिखा है इंतज़ार करना।
होती नहीं है मोहब्बत सूरत से;
मोहब्बत तो दिल से होती है;
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी;
कदर जिनकी दिल में होती है।
यकीन पे यकीन दिलाते हैं दोस्त;
राह चलते को बेवकूफ बनाते हैं दोस्त;
शरबत बोल कर दारू पिलाते हैं दोस्त;
पर कुछ भी कहो साले बहुत याद आते हैं दोस्त।
यादों की भीड़ में आप की परछाई सी लगती है;
कानों में कोई आवाज़ एक शहनाई सी लगती है;
जब आप करीब हैं तो अपना सा लगता है;
वर्ना सीने में सांस भी पराई सी लगती है।
कोई टूटे तो उसे बनाना सीखो;
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो;
रिश्ते तो मिलते हैं मुक़द्दर से बस;
उन्हें ख़ूबसूरती से निभाना सीखो।
दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं;
पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं;
हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है;
कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं।
प्यार करने वालों की किस्मत खराब होती है;
हर वक़्त इम्तिहान की घडी साथ होती है;
वक़्त मिले तो कभी रिश्तों की किताब खोल कर देखना;
दोस्ती हर रिश्ते से लाजवाब होती है।
लड़की ने फेसबुक पर स्टेटस डाला, "मच्छर ने काट लिया।"
लड़के का कमेंट आया, "मैं उस मच्छर का खून पी जाऊंगा।"
लड़के ने फेसबुक पर स्टेटस डाला, "मच्छर ने काट लिया।"
दोस्त का कमेंट आया, "साले फिर दारु पी कर नाली के पास पड़ा होगा।"