दूरियां ही दोस्तों को नज़दीक लाती हैं;
दूरियां ही एक दूजे की याद दिलाती हैं;
दूर रहकर है करीब दोस्त कितना;
दूरियां ही इस बात का एहसास दिलाती हैं।
हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर;
हम उसे अपनी खता कहते हैं;
वो तो साँसों में बसी है मेरे;
जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।
मेरे लिए मेरी जान है तेरी दोस्ती;
ज़िन्दगी का हर अरमान है तेरी दोस्ती;
ना कोई गिला, ना कोई शिकवा है किसी से;
मुझ पर खुदा का एहसान है तेरी दोस्ती।
स्वार्थ से रिश्ते बनाने की कितनी भी कोशिश करो यह बनेगा नहीं,
और प्यार से बने रिश्ते को तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो यह टूटेगा नहीं।
प्रेमी और दोस्त में क्या फर्क है?
प्रेमी कहता है, "तुम्हें कुछ हुआ तो मैं ज़िंदा नहीं रहूँगा।"
और दोस्त कहता है, "जब तक मैं ज़िंदा हूँ, तुम्हें कुछ नहीं होने दूँगा।"
जीवन में ज़ख़्म बड़े नहीं होते, उनको भरने वाले बड़े होते हैं;
रिश्ते बड़े नहीं होते लेकिन उनको निभाने वाले लोग बड़े होते हैं।
कभी-कभी मैं यह सोचता हूँ कि फेसबुक में काम करने वाले अपना टाइम पास कैसे करते होंगे!
हर रिश्ते में मिलावट देखी;
कच्चे रंगों की सजावट देखी;
लेकिन सालों-साल देखा है माँ को;
उसके चेहरे पे ना कभी थकावट देखी;
ना ममता में कभी कोई मिलावट देखी।
आपकी दोस्ती की एक नज़र चाहिए;
यह दिल है बेघर इसे एक घर चाहिए;
यूँ साथ चलते रहो, ऐ दोस्त;
यह दोस्ती हमें उम्र भर चाहिए।
कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है;
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है;
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से;
तो प्यार जीने की वजह बन जाता है।