भूलेंगे वो भुलाना जिनका काम है;
मेरी तो दोस्तों के बिना गुज़रती नहीं शाम है;
कैसे भूलूँ मैं उनको जो मेरी ज़िंदगी का दूसरा नाम है।
ना तसवीर है तुम्हारी जो दीदार किया जाये;
ना तुम हो पास जो प्यार किया जाये;
ये कौन सा दर्द दिया है तुमने ऐ सनम;
ना कुछ कहा जाये, ना तुम बिन रहा जाये।
दोस्ती में दूरियां तो आती रहती हैं;
फिर भी दोस्ती दिलों को मिला देती है;
वो दोस्ती ही क्या जिसमे नाराज़गी ना हो;
पर सच्ची दोस्ती रूठे हुए को मना लेती है।
फूल इसलिए अच्छे, कि खुश्बू का पैगाम देते हैं;
कांटे इसलिए अच्छे, कि दामन थाम लेते हैं;
दोस्त इसलिए अच्छे, कि वो मुझ पर जान देते हैं;
और दुश्मनों को, कैसे ख़राब कह दूँ वो ही तो हैं;
जो हर महफ़िल में मेरा नाम लेते हैं।
रिश्ते खून के नहीं होते, रिश्ते एहसास के होते हैं;
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने होते हैं;
और अगर एहसास ना हो तो अपने भी अजनबी हो जाते हैं।
जिंदगी सुंदर है पर मुझे जीना नहीं आता;
हर चीज में नशा है पर मुझे पीना नहीं आता;
सब मेरे बिना जी सकते हैं, र्सिफ मुझे दोस्तों के बिना जीना नहीं आता।
रिश्तों की है यह दुनिया निराली;
सब रिश्तों से प्यारी है यह दोस्ती तुम्हारी;
मंज़ूर हैं आँसू भी आँखों में तुम्हारी;
ऐ दोस्त अगर आ जाये होंठों पे मुस्कान तुम्हारी।
किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया;
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया;
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर;
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।
दिल से बने रिश्तों का नाम नहीं होता;
इनका कभी भी निरर्थक अंजाम नहीं होता;
अगर निभाने का हो जज्बा दोनों तरफ;
तो ये पाक रिश्ता कभी बदनाम नहीं होता।
गुण मिलने पर शादी होती है;
और अवगुण मिलने पर दोस्ती।



