कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है;
मुस्कुराने के लिए भी रोना पड़ता है;
यूं ही नहीं होता है सवेरा;
सुबह होने के लिए रात भर सोना पड़ता है!
शुभ रात्रि!

आंसू होते नहीं बहाने के लिए;
गम होते हैं पी जाने के लिए;
कभी दिल से मत सोचना किसी को पाने के लिए;
नहीं तो सारी जिंदगी बीत जाएगी उसको भुलाने के लिए!
शुभ रात्रि!

दुनिया में रहकर सपनों में खो जाओ;
किसी को अपना बनालो या किसी के हो जाओ;
अगर कुछ भी नहीं होता तो घबराओ नहीं;
चादर-तकिया लो और सो जाओ!
शुभ रात्रि!

दुनिया में रहकर सपनों में खो जाओ;
किसी को अपना बनालो या किसी के हो जाओ;
अगर कुछ भी नहीं होता तो घबराओ नहीं;
चादर-तकिया लो और सो जाओ;
शुभ रात्रि!

चमकते चाँद को नींद आने लगी;
आपकी ख़ुशी से, दुनिया जगमगाने लगी;
देखकर आपको, हर कली गुनगुनाने लगी;
अब तो फेंकते-फेंकते, मुझे भी नींद आने लगी!
शुभ रात्रि!

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