आँखें खोलिए सुबह हो चुकी है;
सारी दुनिया अब सो के उठ चुकी है;
अब और न यूँ देर कीजिये;
हमारे सुप्रभात के साथ दिन की शुरुआत कीजिये।
सुप्रभात!
रात ने चादर समेत ली है;
सूरज ने किरणें बिखेर दी हैं;
चलो उठो और शुक्रिया करो उस भगवान का;
जिसने हमे यह प्यारी सी सुबह दी है।
सुप्रभात!
सुबह-सुबह ही लग गया है खुशियों का मेला;
ना रहे कोई ग़म ना आये कोई झमेला;
मधुर संगीत पंछियों का, है मौसम अलबेला;
मुबारक हो आपको यह नया सवेरा।
सुप्रभात!
नयी सी सुबह नया सा सवेरा;
सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा;
खुले आसमान में सूरज का चेहरा;
मुबारक हो आपको यह हसीन सवेरा।
सुप्रभात!
नये दिन की नयी सुबह का नया अंदाज़;
सारे दिन की झोली में कुछ छुपे हुए हैं राज़;
तुझको, मुझको हर किसी को मिलना है कुछ आज;
तो आओ यारो ख़ुशी-ख़ुशी करें इस दिन का आग़ाज़।
सुप्रभात!
हर सुबह आपको सलाम दे;
हर फूल आपको मुस्कान दे;
करते हैं यह दुआ हम खुदा से;
खुदा आपको नए सवेरे के साथ कामयाबी का आसमान दे।
सुप्रभात!
सूरज निकल रहा है पूरब से;
दिन शुरू हुआ आपकी याद से;
कहना चाहते हैं हम आपको दिल से;
आपका दिन अच्छा जाये हमारे सुप्रभात से।
सुप्रभात!
बिन बादल बरसात नहीं होती;
सूरज डूबे बिना रात नहीं होती;
क्या करें अब कुछ ऐसे हालात हैं;
आपको याद किये बिना दिन की शुरुआत नहीं होती।
सुप्रभात!
दुआ यही है हर पल मुस्कुराओ तुम;
कदम जहाँ रखो वहाँ खुशियां पाओ तुम;
कोई दर्द न आ पाये पास तुम्हारे;
चाहो तुम जिसको वो सदा साथ हो तुम्हारे।
सुप्रभात!
सूरज आता है नयी उम्मीदों की किरणें लेकर;
हर नया दिन आता है नयी कामयाबियाँ लेकर;
आपका हर दिन आये आपके लिए ढेर सारी खुशियां लेकर।
सुप्रभात!



