आप तो मंज़िल को मुश्किल समझते हैं;
हम आपको मंज़िल समझते हैं;
बड़ा फर्क है आपके और हमारे नज़रिए में;
आप हमें सपना और हम आप को अपना समझते हैं!
सुप्रभात!
चाहे आप सिर पीटो;
चाहे गुस्सा करो चाहे आप बिस्तर पे कूदो;
या मोबाइल उठा के फ़ेंक दो;
हम तो इतने बजे ही गुड मॉर्निंग कहेंगे!
सुप्रभात!
उदास ना होना क्योंकि मैं साथ हूँ;
सामने ना सही पर आस-पास हूँ;
पलकों को बंद करो जब भी देखोगे;
मैं हर पल तुम्हारे साथ-साथ हूँ।
सुप्रभात!
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो;
गुन-गुनाते पंछी की आवाज़ हो;
हाथ में कॉफ़ी और यादों में कोई ख़ास हो;
उस सुबह की पहली याद आप हो!
सुप्रभात!
फूलों की तरह हंसते रहो, तो हम खुश हैं;
दिल खोलकर जीते रहो, तो हम खुश हैं;
यह नहीं कहते कि रोज मिलो;
बस हर दिन याद कर लिया करो, तो हम खुश हैं।
सुप्रभात!
एक नई सी सुबह चुरा के लाए हैं;
दिल में एक नया एहसास भरने आए हैं;
नींद की ख़ामोशी में जो लिपटे हुए हैं;
उन्हें प्यार से जगाने आए हैं!
सुप्रभात!
ताज़ी हवा में फूलों की महक हो;
पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो;
जब भी खोलो तुम अपनी पलकों को;
उन पलकों में बस ख़ुशियों की झलक हो!
सुप्रभात!
नूर से आज चाँद भी शरमाया है;
आप की दोस्ती ने ऐसा गजब ढाया है;
ख़ुदा से क्या मांगू आपको;
ख़ुदा ने भी खुद आप जैसा दोस्त मंगाया है।
सुप्रभात!
आँखें खोलो सुबह हो गई;
सारी दुनियाँ खूब सो चुकी;
अब और ना कोई बात करो;
मेरे सुप्रभात संदेश के साथ अपने दिन की शुरुआत करो!
सुप्रभात!
खुदा करे हर मंज़िल हो कायम आपकी;
हर सूरत हो गुलाम आपकी;
हम तो यही दुआ करते हैं, सुनहरी हो सुबह और रौशन हो शाम आपकी!
सुप्रभात!



