फूलों की वादियों में हो बसेरा आपका;
सितारों के आँगन में हो सवेरा आपका;
दुआ है एक दोस्त की दोस्त के लिए;
हमसे भी खूबसूरत हो नसीब आपका।
सुप्रभात!
प्यारी सी मीठी सी निंदिया के बाद;
रात के कुछ सपनों के बाद;
सुबह की कुछ उम्मीदों के साथ;
आपको प्यार भरी सुप्रभात!
सुप्रभात!
फूलों ने अमृत का जाम भेजा है;
सूरज ने गगन से सलाम भेजा है;
मुबारक हो आपको नयी सुबह;
तहे-दिल से हमने यह पैगाम भेजा है।
मौसम की बहार अच्छी हो;
फूलों की कलियां कच्ची हो;
हमारी यह दोस्ती सच्ची हो;
बस एक ही दुआ है मेरे दोस्त की हर सुबह अच्छी हो।
सुप्रभात!
सुबह का मौसम जैसे जन्नत का एहसास;
आँखों में नींद और चाय की तलाश;
जागने की मज़बूरी थोड़ा और सोने की आस;
पर आपका दिन शुभ हो हमारी सुप्रभात के साथ।
सुप्रभात!
रात ने चादर समेट ली है;
सूरज ने किरने बिखेर दी हैं;
चलो उठो और धन्यवाद करो अपने भगवान का;
जिसने हमें यह प्यारी सी सुबह दी है।
सुप्रभात!
सुबह के फ़ूल खिल गए;
पंछी अपने सफ़र पे उड़ गए;
सूरज आते ही तारे छुप गए;
क्या आप भी मीठी नींद से उठ गए।
सुप्रभात!
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है;
आँख खुलते ही आपकी याद आती है;
खुशियों के फूल हो आपके आँचल में;
ये मेरे होंठों पर पहली फ़रियाद होती है।
सुप्रभात!
लबों पर मुस्कान, आँखों में ख़ुशी;
गम का कहीं नाम ना हो;
हर दिन लाए आपके लिए इतनी ख़ुशियाँ;
जिसके ढलने की कोई शाम ना हो।
सुप्रभात!
मौसम की बहार अच्छी हो;
फूलों की कलियाँ अच्छी हों;
हमारे ये रिश्ते सच्चे हों;
ऐ रब तेरे से बस एक दुआ है;
कि मेरे यार की हर सुबह अच्छी हो।
सुप्रभात!



