सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको;
दूसरी किरण हँसी दे आपको;
तीसरी तंदरुस्ती और कामयाबी;
बस अब ज्यादा नहीं वरना गर्मी लगेगी आपको।
सुप्रभात!
आप हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं;
यह दिल से कहते हैं हम;
इसलिए आपको रोज़ याद करते हैं हम;
बाकी कुछ कहें या ना कहें रात को शुभ रात्रि आपको कहते हैं हम।
शुभ रात्रि!
दुआ करते हैं कि हर सुबह सुहानी हो जाये;
आपके दुखों की सारी बात पुरानी हो जाये;
मिलें आपको खुशियां हर दिन इतनी;
कि खुशियां भी आपकी दीवानी हो जायें।
सुप्रभात!
देखो खिड़की से चाँद भी तुम्हें देख रहा हैं;
सितारे भी रुके हुए इंतज़ार में;
चलो अब मुस्कुरा दो हम सब के लिए;
क्योंकि हम सभी तो खड़े हैं इसी इंतज़ार में।
शुभ रात्रि!
वो अज़ीज़ भी हैं, वो नसीब भी हैं;
दुनिया की इस भीड़ में दिल के करीब भी हैं;
जिनके साथ से चलती है यह ज़िंदगी हमारी;
वो खुदा भी हैं और हमारी तकदीर भी हैं।
सुप्रभात!
तेरी उम्र मैं लिख दूँ चाँद सितारों से;
लेकर आऊं तोहफा मैं फूल और बहारों से;
हर एक ख़ुशी मैं दुनिया की तेरे लिए ले आऊं;
सज़ा दूँ यह महफ़िल मैं हसीन नज़ारों से।
जन्मदिन मुबारक़!
देखा फिर रात आ गयी;
शुभ रात्रि कहने की बात याद आ गयी;
हम बैठे थे सितारों की पनाह में;
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गयी।
शुभ रात्रि!
आई है सुबह की नयी किरण रौशनी लेकर;
जैसे नए जोश की एक नयी किरण लेकर;
विश्वास की है ये लौ सदा दिल में जलाये रखना;
रुकना ना कभी मुश्किल को देख कदम सदा बढ़ाते रखना।
सुप्रभात!
जब शाम ढलने के बाद आती है रात;
हर साँस में समा जाती है तेरी याद;
बदलते हैं करवटें हम सारी रात;
सोचते हैं कि आपको भी आती होगी हमारी याद।
शुभ रात्रि!
इस मीठी सी प्यारी नींद के बाद;
नींद में देखे उन मीठे सपनो के बाद;
आया है यह सवेरा बड़ी दूर से;
कहने को आपको प्यार से सुप्रभात।
सुप्रभात!



