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सभी चीजों के साथ धैर्यपूर्वक रहिये, पर सबसे पहले खुद के साथ।

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दूसरे की अच्छाई में यकीन होना खुद में अच्छाई होने का एक अच्छा प्रमाण है।

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इंसान अपने विचारों से निर्मित प्राणी है, वो जैसा सोचता है वैसा बन जाता है।

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वो जो अधिक भरोसा नहीं करता, उस पर भरोसा नहीं किया जायेगा।

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किसी को माफ़ तो कर दो, लेकिन उसका नाम मत भूलो।

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अगर आप दुश्मन बनाना चाहते हैं तो कुछ बदलने की कोशिश कीजिये।

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उत्साह की कमी को अक्सर धैर्य समझ लिया जाता है।

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चीजें खुद नहीं होतीं, उन्हें करना पड़ता है!

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यदि आप नज़रिया बदलना चाहते हैं तो अपने व्यवहार में बदलाव के साथ प्रारंभ कीजिये।

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सच सभी के लिए नहीं होता, वह केवल उसे खोजने वालों के लिए होता है।

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