कॉलेज में पढ़ते हुए कभी शादी मत किजिए, अगर आपके भावी इम्प्लोयेर को पता चल गया कि आप पहले ही एक गलती कर चुके हैं तो नौकरी मिलना मुश्किल है।
चाहे जो हो जाये शादी कीजिये, अगर अच्छी पत्नी मिली तो आपकी ज़िन्दगी खुशहाल रहेगी, अगर बुरी पत्नी मिलेगी तो आप दार्शनिक बन जायेंगे।
यदि आप प्रेम और विवाह के-बारे में पढना चाहते हैं तो आपको दो अलग-अलग किताबें पढनी होंगी।
सभी शादियाँ खुशगवार होती हैं, वो तो बाद में साथ रहने पे मुसीबत आती है।
मनोचिकित्सक: जो भारी फीस लेकर आपसे ऐसे सवाल पूछता है, जैसे आपकी पत्नी आपसे यूँ ही पूछती रहती है।
विवाह करने से पहले मेरे पास बच्चों को पालने के छः सिद्धांत थे, अब मेरे पास छः बच्चे हैं पर सिद्धांत एक भी नहीं।
ससुराल में जमाई की इतनी इज्जत क्यों होती है, क्योंकि वह जानते है कि यही वह व्यकित है, जिसने हमारे घर के तूफ़ान को संभाला हुआ है
विवाह ना तो स्वर्ग है ना नर्क, वो तो बस एक यातना है।
अच्छी शादी एक अंधी पत्नी और एक बहरे पति के बीच ही हो सकती है।
यदि आपको लगता है कि आपके माता-पिता, शिक्षक या बॉस का व्यवहार आपके प्रति बहुत ज्यादा सख्त और रूखा है तो शादी कर लीजिए और पत्नी को जिंदगी में आने दीजिये सच पता लग जाएगा।



