लोग बारिश से भागते हैं पर पानी से भरे बाथ-टब में बैठते हैं।
काम आदमी के लिए अनिवार्य है। आदमी ने ही अलार्म घडी का आविष्कार किया है।
हर कोई दुनिया बदलने की सोचता है पर कोई खुद को बदलने की नहीं सोचता।
अपनी जड़ों की गहराइयों में सभी फूल प्रकाश रखते हैं।
मनुष्य जितना सोचता है उससे कहीं ज्यादा नैतिक है, और वो इतना अनैतिक है कि वो उसकी कल्पना भी नहीं कर सकता।
किसी व्यक्ति के चरित्र को उसके द्वारा प्रयुक्त विशेषणों से जाना जा सकता है।
हास्य मानव जाति के लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है।
नैतिकता महज एक रवैया है जो हम ऐसे लोगों के प्रति अपनाते हैं जिन्हें हम व्यक्तिगत रूप से नापसंद करते हैं।
कल्पना अभ्यास से बढती है, और आम धारणा के विपरीत, परिपक्कव लोगों में युवा लोगों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होती है।
जिसे हम आसानी से करने की उम्मीद करते हैं पहले उसे परिश्रम से करना सीखना चाहिए।



