मैंने ज़िन्दगी में जो कुछ भी सीखा है वो सिर्फ तीन शब्दों में कह सकता हूँ, "यह चलती रहती है।"
समय आपकी ज़िंदगी का एक मात्र सिक्का है और केवल आप ही तय कर सकते हैं कि इसे कैसे खर्च करें, पर ध्यान रखिये दूसरों को इसे आपके लिए खर्च न करने दें।
जीवन की त्रासदी यह नहीं है कि आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाये बल्कि त्रासदी इसमें है कि आपका कोई लक्ष्य ही नहीं है।
हर चीज़ का हल निकाल लिया गया है सिवाये इसके कि जिया कैसे जाये।
ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सद्पयोग यही है कि हम इसे ऐसी चीज़ के लिए खर्च करें जो इससे ज्यादा चले।
अपनी आँखें खोलो, अपने अंदर झांको। जैसे तुम जी रहे हो क्या तुम इससे खुश?
जीवन का सबसे बड़ा सद्पयोग यही है कि हम इसे ऐसी चीज़ के लिए खर्च करें जो इससे ज्यादा चले।
ज़िंदगी या तो एक साहसिक कारनामा है या फिर कुछ भी नहीं।
जीवन में अपने खुद के सुधार (शारीरिक और मानसिक, दोनों) को पहली प्राथमिकता दें।
उम्मीद में जिया गया जीवन एक दिन याद बन कर रह जाएगा।



