जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता।
आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बनसकता है।
हमारी सोच और हमारा व्यवहार हमेशा किसी प्रतिक्रिया की आशा में होते हैं। इसलिए ये डर पर आधारित हैं।
खुद का अपमान कराके जीने से तो अच्छा मर जाना है। क्योंकि प्राणों के त्यागने से केवल एक ही बार कष्ट होता है, पर अपमानित होकर जीवित रहने से आजीवन दुःख होता हैं।
आप एक जीवित चुंबक हैं। जीवन में आप जो कुछ भी अपनी ओर आकर्षित करते हैं वो आपके प्रमुख विचारों के सद्भाव के साथ है।
जीवन में हम बदलाव सत्य के पक्ष में होने या ना होने के कारण देखते हैं।
जीवन आनंद उठाने के लिए है, सहने के लिए नहीं।
विचार वो मूर्तिकार है जो आदमी को वो बनाता है जो वो बनना चाहता है।
जीवन पर गुस्सा मत करो। यह जीवन नही जो आपको निराशा देता है, यह आप हैं जो जीवन की नहीं सुनते।
जीवन में सबसे खूबसूरत चीज़ें ना देखी जा सकती हैं ना छुई जा सकती हैं, केवल दिल में महसूस की जा सकती हैं।



