जिस आदमी की सही सोच और सही नजरिया हैं, उसे अपने लक्ष्य तक पहुँचने तक कोई रोक नहीं सकता, और जिसकी सोच ही सकारात्मक नहीं, उसकी मदद कोई नहीं कर सकता।
प्रतिभाशाली लोग बिना सनकीपन के हो ही नहीं सकते।
लोग प्यार के लिए होते हैं और चीजें इस्तमाल के लिए, बात तब बिगड़ती है जब चीजों से प्यार किया जाए और लोगों को इस्तेमाल किया जाए।
कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो, आंखे मूंदकर उसके पीछे न चले। यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आंख, नाक, कान, मुंह और दिमाग क्यों देता?
अच्छे इंसान सिर्फ और सिर्फ कर्मों से पहचाने जाते है, वर्ना अच्छी बातें तो बुरे लोग भी कर लेते है।
सैंकड़ों दर्द मिलते है, काम के लोग चंद मिलते है, जब मुसीबत आती है, तो सब दरवाजे बंद मिलते है।
मूर्ख आदमी के लिये खामोशी से बढ़कर कोई चीज़ नहीं, और अगर उसमें यह समझने की बुद्धि है तो वह मूर्ख नहीं रहेगा।
मैं शुक्रगुज़ार हूँ उन तमाम लोगों को जिन्होंने बुरे वक़्त में मेरा साथ छोड़ दिया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसीबतों से अकेले ही निपट सकता हूँ।
बुरे लोगों को दूसरों को बुराई में ही मज़ा आता है, कौवा भले ही सारे रस चख ले लेकिन अंत में वह गंदगी में ही तृप्त होता है।
गुणों से ही मनुष्य महान होता है, ऊँचे आसन पर बैठने से नहीं, महल के ऊँचे शिखर पर बैठने से भी कौवा गरुड़ नहीं बन सकता।



