शीत युद्ध के बाद आये उत्साह में एक गलत धारणा बन गयी की संयुक्त राष्ट्र कहीं भी कोई भी समस्या हल कर सकता है।
एक राजनीतिज्ञ में ये क़ाबिलियत होनी चाहिए कि वो पहले से बता सके कि कल, अगले हफ्ते, अगले महीने, और अगले साल क्या होने वाला है, और उसमे ये क्षमता होनी चाहिए कि बाद में वो बता सके कि ऐसा क्यों नहीं हुआ।
चुनाव जनता को राजनीतिक शिक्षा देने का विश्वविधालय है।
भारत ने चीन के सीमा पार अपना एक भी सैनिक ना भेजते हुए 20 शताब्दियों के लिए चीन को सांस्कृतिक रूप से जीता और उस पर अपना प्रभुत्व बनाया।
बुरे राजा के राज में ना तो जनता सुखी होगी, और ना ही उस से कभी जनता का भला होगा। बुरे राजा से तो अच्छा हैं कि राजा ही ना हो।
मेरे सभी खेल राजनीतिक खेल होते थे, मैं जोन ऑफ आर्क की तरह थी, मुझे हमेशा दांव पर लगा दिया जाता था।
आज वैश्विक निर्भरता का अर्थ यह है कि विकासशील देशों में आई आर्थिक आपदाएं विकसित देशों में संकट ला सकती है।
अन्याय को मिटाओ लेकिन अपने आप को मिटाकर नहीं।
अवसर पर दुश्मन को न लगाया हुआ थप्पड़ अंत में अपने ही मुंह पर लगता है।
खड़े होकर बोलने के लिए साहस चाहिए होता है, बैठ कर सुनने के लिए भी साहस चाहिए होता है।



