इंसान तब समझदार नहीं होता जब बड़ी बड़ी बातें करने लगे बल्कि तब समझदार होता है जब वो छोटी छोटी बातें समझने लगे।
दूसरों को नसीहत देना तथा आलोचना करना सबसे आसान काम है।
सबसे मुश्किल काम है चुप रहना और आलोचना सुनना।
यदि शांति चाहते हो कभी दूसरों को बदलने की अपेक्षा मत रखो,
स्वंय बदलो, जैसे कंकर से बचने के लिए स्वंय जूते पहनना उचित है न कि पूरी धरती पर कारपेट बिछाने की।
जो अपने लिए नियम नहीं बनाता उसे दूसरों के नियम पर चलना पड़ता है।
कभी किसी की भावनाओं के साथ मत खेलो,
हो सकता है आप ये खेल जीत जायें;
पर यह पक्का है कि उस इंसान से आप हमेशा के लिए हार जाओगे।
ज़िन्दगी तब बेहतर होती है जब हम खुश होते हैं,
लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब और बेहतरीन हो जाती है जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं।
अगर किस्मत आज़माते आज़माते थक गए हो तो कभी खुद को आज़माइये, नतीजे बेहतर होंगे।
संसार में बड़ा आदमी वही कहलाता है जिससे मिलने के बाद कोई इंसान ख़ुद को छोटा महसूस न करे।
जहाँ सुख से रहा जा सकता है वही स्थान श्रेष्ट है।
काश किस्मत भी नींद की तरह होती, रोज़ सुबह खुलती।



