बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि सिर उठा कर जियो।
अब इन्हें कौन समझाये कि इस Smartphone की दुनियां में, कोई सिर उठा कर जिये भी तो कैसे।
हमने दो ग्रुप बनाए,
एक को योग करवाया,
दूसरे को जिम करवाई,
लेकिन बिस्तर पर लेटकर Whatsapp चलाने वाले ज्यादा खुश नज़र आये।
Father's Day के दिन 177 देशों में योग करवा के भारत ने सिद्ध कर दिया कि भारत विश्व को क्या दे सकता है।
इस तरह स्वामी विवेकानंद की 123 साल पुरानी बात सच हो गई कि भारत दुनिया का बाप है।
ENO काम शुरू सिर्फ 6 सेकंड में,
EGO काम बिगाड़े सिर्फ 6 सेकंड में।
इस कदर बँट गए हैं पंथो में सभी कि अगर भगवान भी आकर कहे,
"मैं भगवान हूँ" तो भी लोग पूछ लेंगे, "किसके?"
पेट्रोल ख़त्म बाइक के साइलेंसर पर पैर लगा कर दूसरी बाइक से धक्का देकर पेट्रोल पंप तक ले जाने का हुनर सिर्फ भारतीयों में ही है।
आज-कल माँ-बाप सुबह सुबह बच्चों को स्कूल बस में बिठाकर ऐसे भेजते हैं जैसे कोई ऑस्कर लेने जा रहे हों
और एक हम थे जिन्हें पापा की लात और मम्मी की चप्पल खाये बिना स्कूल जाने का मन ही नहीं करता था।
झूठ भी बड़ी अजीब चीज़ है, "बोलना" अच्छा लगता है और "सुनना" बुरा।
सुबह-सुबह फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर 3-4 किलोमीटर तक उँगलियाँ खिसकाना... इसे भी मॉर्निंग वाक ही माना जाना चाहिए।
आज का कठोर व कङवा सत्य:
चार रिश्तेदार एक दिशा में तब ही चलते हैं,
जब पाँचवा कंधे पर हो।



