राहुल गाँधी कहते हैं कि काँग्रेस एक पार्टी नहीं, एक सोच है।
और विद्या बालन कहती है कि जहाँ सोच है वहाँ शौचालय है।
बहुत कन्फ्यूजन है, भाई!
इंसान कम थे क्या?
जो अब मौसम भी धोखा देने लगे।
जज: तुम्हारा वकील कहाँ है?
चोर: जी मेरा वकील नहीं है।
जज: लेकिन वकील होना ज़रूरी है। कोई बात नहीं हम तुम्हें सरकारी वकील दे देंगे।
चोर: नहीं हुज़ूर, मुझ पर रहम कीजिये। मुझे कोई वकील नहीं चाहिए।
जज: क्यों?
चोर: हुज़ूर बात यह है कि मैं अपनी चुराई मुर्गियां अकेले ही खाना चाहता हूँ।
लड़की: मैं कल तुम से मिलने नहीं आ सकती।
लड़का: चलो मैं तुम्हारा गिफ्ट किसी और को दे देता हूँ।
लड़की: मेरा मतलब था कल नहीं आ सकती, अभी कहाँ हो तुम? मैं आ रही हूँ।
एक ज़रूरी सूचना:
गाड़ी चलाना और सौन्दर्य दर्शन एक साथ ना करें... देवदर्शन की प्राप्ति हो सकती है।
~ जनहित में जारी
हम आज भी शतरंज का खेल अकेले खेलते हैं!
क्योंकि दुश्मनों को हम सामने बिठाते नहीं
और 'दोस्तों' के खिलाफ चाल चलना हमें आता नहीं।
जब यूपी मे कोई बाईक चालक सामने की बजाऐ आजू बाजू देख रहा हो तो संभल जाइए।
क्योकि वो अब गुटखा थूकने वाला है।
ज़िन्दगी में कोई पार्टनर होना चाहिए,
नहीं तो "मन की बात" रेडियो पर करनी पड़ती है।
देख भाई
क्या हुआ जो हम किसी के दिल में नहीं धड़कते,
आँखों में तो बहुतों की खटकते हैं।
वो बचपन था जब शामें हुआ करती थी;
अब तो सुबह के बाद सीधे रात ही होती है।



