परिवर्तन
पहले शादी समारोह में घर की महिलाएँ खाना बनाती थी और भाड़े की महिलाओं से नाच-गान करवाते थे।
अब भाड़े की महिलाएँ खाना बनाती हैं और घर की महिलाएँ नाच-गान करती हैं।
पहले शादी समारोह में घर की महिलाएँ खाना बनाती थी और भाड़े की महिलाओं से नाच-गान करवाते थे;
अब भाड़े की महिलाएँ खाना बनाती हैं और घर की महिलाएँ नाच-गान करती हैं।
कागज की कश्ती थी पानी का किनारा था;
खेलने की मस्ती थी दिल ये आवारा था;
कहां आ गए इस समझदारी के दल-दल में;
वो नादान सा बचपन ही सबसे प्यारा था।
हमको तो बोतल ने लूटा;
पउवे में कहाँ दम था;
हमारी तो बोतल ही वहां फूटी;
जहाँ ठेका बंद था।
रामायण के रचयिता को प्रणाम;
संस्कृति के आदि-कवि को प्रणाम;
वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं।
लोग हर मंजिल को मुश्किल समझते हैं;
हम हर मुश्किल को मंजिल समझते हैं;
बड़ा फर्क है लोग और हमारे नजरिए में;
लोग दिल को दर्द और हम दर्द को दिल समझते हैं।
बकरी: आई लव यू।
बकरा: अब क्या फायदा?
बकरी: लेकिन क्यों?
बकरा: आगे बड़ी ईद आने वाली है।
वकील: मैं तुमको छुड़ा सकता हूँ, अगर मुझे तुम चोरी का पूरा-पूरा हाल बता दो।
चोर: मैं चोरी का सब हाल बता सकता हूँ, सिवाय एक भेद के कि मैंने माल कहां छुपाया है।
दिल अरमानों से हाउसफुल है;
पूरे होंगे या नहीं ये डाउटफुल है;
इस दुनिया में हर चीज़ वंडरफुल है;
पर खाली हाथ जाना ये किस्मत का रूल है।
आपको और आपके परिवार को;
ओणम के त्योंहार पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
आपका जीवन खुशियों समृधि से भर जाए!



