क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाए;
क्यों किसी की यादों में रोया जाए;
इस दुनिया के झमेलों में पड़ना है बेकार;
आज शनिवार है चलो जी भर के सोया जाए।
दिमाग में अगर प्रिंटर होता तो ख्यालों प्रिंट आउट निकल आते;
मन में अगर ब्लूटूथ होता तो भावों को ट्रान्सफर कर देते;
दिल अगर सीपीयू होता तो सबकी यादों को सेव कर लेते;
धड़कन अगर पेन-ड्राइव होती तो ज़िन्दगी का बैक-अप ले लेते;
काश;
ज़िन्दगी अगर कंप्यूटर होती तो बचपन को री-स्टार्ट कर लेते।
हमने मैसेज भेजकर जब-जब याद किया;
आपने उस SMS का ना कभी जवाब दिया;
वैसे तो सन्डे (Sunday) को ओवर टाइम लगाने की आदात नहीं;
चलो फिर भी ये सन्डे आपके नाम कुर्बान किया।
एक शराबी एयरपोर्ट के बाहर खड़ा था। एक वर्दीधारी युवक उधर से गुजरा। शराबी ने उससे कहा,"एक टैक्सी ले आओ।"
युवक: मैं पायलट हूं, टैक्सी ड्राइवर नही।
शराबी: नाराज क्यों होते हो भाई? तो एक हवाई जहाज ले आओ।
तुमने आकर मेरी कब्र पे;
जरा सा मुस्करा दिया;
बिजली कड़क के गिर पड़ी;
सारा कफ़न जला दिया!
एक बार अकबर ने बीरबल से कुछ ऐसा लिखने को कहा जिसे ख़ुशी में पढ़ो तो गम हो और गम में पढ़ो तो ख़ुशी हो।
बीरबल ने लिखा:
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"ये वक़्त गुजर जायेगा।"
मेरे प्यार का हिसाब जो लगाओगे;
तो मेरे प्यार को बे-हिसाब पाओगे;
पानी के बुलबुले सा है मेरा प्यार;
ज़रा सी ठेस लगी तो ढूंढते रह जाओगे!
देखो अद्भुत अगस्त का हो गया आगाज़ ले के आयेगा दोस्ती की सुनहरी सौगात।
प्यार की ईदी की होगी बरसात।
स्वतंत्र होने का फिर होगा अहसास, राखी का बंधन और होगा मज़बूत।
कृष्ण के जन्म पर होगी पंजीरी की लूट।
साल का ये ख़ास महीना आपके लिए भी ख़ास हो।
सभी को अगस्त मुबारक!
अजीब चलन है दुनिया का;
दीवारों में आये दरार तो दीवारें गिर जाती हैं;
पर रिश्तों में आये दरार तो दीवारे खड़ी हो जाती हैं!
दो पंडितों में लड़ाई हो रही थी उन्हें लड़ते बहुत देर हो गई।
तीसरा पंडित: क्या हुआ, क्यों लड़ाई कर रहे हो?
एक पंडित बोला,"जब मैं लहसुन, प्याज नहीं खाता तो इस साले ने चिकन में डाला क्यों?"



