रिश्ते मौके के नहीं, भरोसे के मोहताज होते हैं।
किसी के दिल को चोट पहुँचा कर माफ़ी माँगना बहुत आसान है लेकिन खुद चोट खा कर किसी को माफ़ करना बहुत मुश्किल है।
जब से पैसों का निर्माण हुआ है, तब से विश्वास और रिश्तों की कीमत घट गयी है।
हमारा सलाहकार कौन है, यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि,
दुर्योधन शकुनि से सलाह लेता था और अर्जुन श्री कृष्ण से।
ज़िन्दगी में अगर बुरा वक़्त नहीं आता तो अपनों में छुपे हुए गैर और गैरों में छुपे हुए अपने कभी नज़र नहीं आते।
उन्ही को मिली सारी ऊँचाइयाँ, जो गिरते रहे और संभलते रहे।
लफ्ज़ ही ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से इंसान या तो दिल में उतर जाता है या दिल से उतर जाता है।
पहाड़ से गिरा हुआ आदमी फिर से उठ सकता है लेकिन नज़र से गिरा आदमी कभी नहीं उठ सकता।
वक़्त से सीखो बदलते रहने का सबक, वक़्त कभी खुद को बदलते नहीं थकता।
कामयाब लोग अपने फैंसले से दुनिया बदल देते हैं और नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैंसले बदल लेते हैं।



