ख्वाहिश ऐसी करो कि आसमान तक जा सको;
दुआ ऐसी करो कि खुदा को पा सको;
यूं तो जीने के लिए पल बहुत कम हैं;
जियो ऐसे कि हर पल में ज़िन्दगी पा सको!
जवानी को जिंदगी की निखार कहते हैं;
पतझड़ को चमन का मजधार कहते हैं;
अजीब चलन है, दुनियां का यारों;
एक धोखा है, जिसे हम सब 'प्यार' कहते हैं!
अश्कों को आँखों की दहलीज पर लाया न करो;
अपने दिल का हाल किसी को बताया न करो;
लोग मुट्ठी भर नमक लिए घूमा करते हैं;
अपने ज़ख़्म किसी को दिखाया न करो!
इंसान ने एक बार खुदा से पूछा, "रिश्तों का असली मतलब क्या होता है?"
खुदा ने हंसकर कहा, "जो मतलब के लिए बनाया जाये वो रिश्ता नहीं होता है!
जो जिंदगी को कोसते हैं, जिंदगी उनसे कोसों दूर भागती है!
डाली पर बैठे हुए परिंदे को मालूम है कि डाली कमज़ोर है;
फिर भी वो उस डाली पर बैठता है;
क्योंकि उसको डाली से ज्यादा अपने 'पंख' पर भरोसा है!
ताश के पत्तों से ताज महल नहीं बनता;
नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता;
लड़ते रहो ज़िन्दगी से हरपल;
क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!
शीशा और रिश्ता वैसे दोनों नाजुक होते हैं;
बस फर्क तो इतना है कि शीशा गलती से टूट जाता है;
और रिश्ता गलतफैमियों से!
विज्ञान कहता है के जीभ पर लगी चोट जल्दी ठीक होती है;
और ज्ञान कहता है के जीभ से लगी चोट कभी ठीक नहीं होती है!
काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;
हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;
यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;
जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!



