इंसान को बादाम खाने से नही, जिन्दगी में ठोकर खाने से अक्ल आती है!
मन हमेशा पतन पाप की ओर जाता है;
जल हमेशा ढाल की ओर बहता है!
जल और मन का स्वभाव एक ही;
जल यंत्र से ऊपर उठता है;
और मन मन्त्र से ऊपर उठता है!
अगर दूसरों को दु:खी देखकर, तुम्हें भी दुःख होता है;
तो समझ लो, की भगवान ने तुम्हें इंसान बनाकर कोई गलती नही की है!
ज़रा सी देर में, दिल में उतरने वाले लोग; ज़रा सी देर में, दिल से उतर भी जाते हैं!
हर किसी को अपने ज्ञान का तो अभिमान होता है;
मगर अपने अभिमान का ज्ञान नही होता!
इंसान जब तरक्की की चरम सीमा पर होता है, तो लोगों को भूल जाता है! और जब बर्बादी की चरम सीमा तक आता है, तब तक लोग उसे भूल जाते हैं!
इंसान की फितरत को समझते हैं सिर्फ परिंदे...
जितना भी मोहब्बत से बुलाओ, मगर पास नहीं आते!
जब लोग किसी को पसंद करते हैं, तो उसकी बुराईयाँ भूल जाते हैं;
और जब किसी से नफरत करते हैं, तो उसकी अच्छाईयां भूल जाते हैं!
जब छोटे थे तब बड़े होने की बड़ी चाहत थी!
पर अब पता चला कि:
अधूरे एहसास और टूटे सपनों से;
अधूरे होमवर्क और टूटे खिलौने अच्छे थे!
जिन्दगी में कभी समझौता करना पड़े तो कभी हिचकिचाहट मत रखो;
झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ ही तो मुर्दे की पहचान होती है!



