sms

गुजराती: सरदार जी कितने दिन तक लंगर चला सकते हो?
सरदार जी: 550 साल तो हो गए हैं, आगे बाबा नानक जी जानें!

sms

कहाँ छुपा के रख दूँ मैं अपने हिस्से की शराफ़त,
जिधर भी देखता हूँ उधर बेईमान खड़े हैं,
क्या खूब तरक्की कर रहा है अब देश देखिये,
खेतों में बिल्डर और सड़कों पर किसान खड़े हैं!

sms

जितना सिख धर्म का प्रचार SGPC 100 सालों तक नहीं कर सकी, उस से कई गुणा सिख धर्म का प्रचार किसान आंदोलन ने कर दिखाया!
इंसानियत, प्यार, विश्वास, अडिगता, हक़, परमात्मा पर विश्वास, निडरता, संगत, पंगत, हक़ कमाई इत्यादि का जीता जागता उदाहरण है - किसान आंदोलन!

sms

स्वार्थी इंसान का पता उस से नज़दीकियाँ बढ़ने पर चलता है और निस्वार्थ इंसान का पता उससे दूरियाँ बढ़ने पर चलता है!

sms

जो किसान खेत में चोट लगने पर मिट्टी लगा लेता है पर घर तक नहीं जाता!
वो किसान दिल्ली तक आया है, इसका मतलब ज़ख्म गहरा दिया है!

sms

किसानों में खालिस्तानी उन्हें ही नज़र आ रहे हैं!
जिन्हें आसा राम में अपना बाप नज़र आता है!

sms

काश किसानों की तरह पढ़े-लिखे लोग भी सड़कों पर आ जाते!
ना एयरपोर्ट बिकता, ना रेलवे स्टेशन, ना LIC, BPCL बिकती, ना नौकरी जाती, ना बेरोज़गारी बढ़ती, ना GDP गिरती!

sms

अकड़:
इस शब्द में कोई मात्रा नहीं है लेकिन फिर भी अलग-अलग मात्रा में सबके पास है!

sms

वक़्त तो सिर्फ वक़्त पे ही बदलता है!
बस इंसान ही है, जो किसी भी वक़्त बदल जाता है!

sms

पहले लोग हफ्ते में 2 रविवार मांगते थे!
अब एक है तो उसका भी पता नहीं चलता!
आने वाला है, ध्यान रखना!