शब्दों का खेल है जनाब!
कड़वा बोलने वालों मीठा शहद भी नहीं बिकता और मीठा बोलने वालों की कड़वी नीम भी बिक जाती है!
शब्द और दिमाग से दुनियाँ जीती जाती है,
दिल तो आज भी दिल से ही जीता जाता है!
"मौन" क्रोध की सर्वोत्तम चिकित्सा है!
अपने खिलाफ बातें खामोशी से सुन लो यकीन मानो वक्त, बेहतरीन जवाब देगा!
चम्मच जिस बर्तन में रहता है उसी को खाली कर देता है!
इसलिए चम्मचों से सावधान!
भक्ति हमें सम्पति तो नहीं देती पर प्रसन्नता ज़रूर देती है!
प्रसन्नता से बढ़कर कोई स्वर्ग नहीं और निराशा से बढ़कर कोई दूसरा नर्क भी नहीं है!
पतंग मत उड़ाओ, पक्षी मर जाते हैं!
रंग मत खेलो, पानी बर्बाद होता है!
पटाखे मत जलाओ, प्रदूषण होता है!
तो इसका मतलब हर त्यौहार हम सिर्फ दारू पी कर ही मनायें!
सफलता एक दिन में नहीं मिलती, मगर ठान लो तो एक दिन ज़रूर मिलती है!
जिस्म पर जो निशान हैं ना जनाब वो सारे बचपन के हैं
बाद के तो सारे दिल पर लगे हैं!
कितना ही अपनापन दिखाओ, लेकिन याद रखना एक बात,
देर से ही सही लेकिन लोग बदल ही जाते हैं!
अपनी ज़िंदगी के सलीके को कुछ यूँ मोड़ दो,
जो तुम्हें नज़र अंदाज़ करे उसे नज़र आना छोड़ दो!