फूल बिना खुशबू बेकार है;
चाँद बिना चाँदनी बेकार है;
प्यार बिना ज़िंदगी बेकार है;
और मेरे सुप्रभात संदेश के बिना आपका दिन बेकार है।
सुप्रभात!
प्यारी-प्यारी सुबह है, बूँदों की बरसात है;
हवा भी थोड़ी ठंडी है, मौसम भी अनुकूल है;
प्यारी-प्यारी सुबह है, बस कहना सुप्रभात है।
सुप्रभात!
आज सुबह सूरज बिलकुल आप जैसा निकला;
बिलकुल वही खूबसूरती;
वही नूर, वही गुरूर, वही सरूर;
और वही आपकी तरह हमसे दूर।
सुप्रभात!
सुबह का मौसम और आपकी याद;
हलकी सी ठंडक और चाय की प्यास;
यारों की यारी और यारी की मिठास;
शुरू कीजिए अपना दिन मेरी सुप्रभात के साथ।
सुप्रभात!
ना सर्दी ना जुकाम;
ना नमस्ते ना सलाम;
सुबह होते ही हमारा सबसे पहला काम;
एक प्यारा सा संदेश आपके नाम।
सुप्रभात!
नई सी सुबह नया सा सवेरा;
सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा;
खुले आसमान में सूरज का चेहरा;
मुबारक हो आपको ये हसीन सवेरा।
सुप्रभात!
सुबह में कोई मेरा संदेश आए तो;
यूँ ना समझना मैने आपको परेशान किया;
इसका मतलब है आप वो ख़ास हैं;
जिसे मैंने अपनी आँखें खुलते ही याद किया!
सुप्रभात!
लोग कहते हैं कि सुबह-सुबह अच्छे लोगों को याद करने से दिन अच्छा गुज़रता है।
इसलिए मैंने सोचा कि आपको अपनी याद दिल दूँ।
सुप्रभात!
जा चूका है अँधेरा;
रौशनी ने दिया है पहरा;
आपका और मेरा रिश्ता है गहरा;
मेरी तरफ से आपको हैप्पी सवेरा!
सुप्रभात
रहना तो चाहते थे साथ उनके;
पर इस ज़माने ने रहने ना दिया;
कभी वक़्त की ख़ामोशी में खामोश रहे;
तो कभी उनकी खामोशी ने कुछ कहने ना दिया।
सुप्रभात!



