प्रभावी नेतृत्व महत्त्वपूर्ण चीजों को पहले रखना होता है।
फुटबाल की तरह ज़िन्दगी में भी आप तब-तक आगे नहीं बढ़ सकते जब तक आपको अपने लक्ष्य का पता ना हो।
भूलना माफ़ करना है।
साहस दबाव में अनुग्रह है।
जिन लोगों ने हमें अपना पूर्ण विश्वास दिया है वो ये सोचते हैं कि उन्हें हमारे विश्वास का अधिकार है। यह निष्कर्ष गलत है,उपहार कोई अधिकार नहीं प्रदान करता।
यह नियम बना लीजिये; कभी किसी बच्चे को वो किताब नहीं दीजिये जो आप खुद नहीं पढेंगे।
सच बहुत कम ही शुद्ध होता है और सरल तो कभी नहीं।
शांति और न्याय एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
पर्याप्त पाने के दो तरीके हैं। पहला है कि अधिक से अधिक जमा करते जाओ और दूसरा है कि कम की इच्छा करो।
अगर आप पूर्णता के लिए देख रहे हो तो आप कभी भी संतुष्ट नहीं होगें।



