सपने हमेशा सच नहीं होते पर ज़िंदगी तो उम्मीद पर टिकी होती है।
जिन्दगी वैसी नहीं है जैसी आप इसके लिए कामना करते हैं, यह तो वैसी बन जाती है जैसा आप इसे बनाते हैं।
जीवन में कोई चीज़ इतनी हानिकारक और ख़तरनाक नहीं जितना डाँवाँडोल स्थिति में रहना।
जीवन की भाग-दौड़ तथा उथल-पुथल में अंदर से शांत बने रहें।
जीवन का वास्तविक सुख, दूसरों को सुख देने में हैं, उनका सुख लूटने में नहीं।
हमारे जीवन में केवल वही सीमाएं होती हैं जो हम अपने ऊपर लागू करते हैं।
आपका जीवन अवसरों से नहीं बदलाव से बेहतर बनता है।
जीवन की गति बढ़ाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है।
अर्थ मनुष्य द्वारा बनाये गए हैं, और चूँकि आप लगातार अर्थ जानने में लगे रहते हैं, इसलिए आप अर्थहीन महसूस करने लगते हैं।
हमारे जीवन के अंत की शुरुआत उसी दिन से हो जाती है जब गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं।



