मूर्खों से बहस करके कोई बुद्धिमान नहीं कहला सकता मूर्ख पर विजय प्राप्त करने का एक ही तरीका है कि उसकी तरफ ध्यान ही ना दिया जाए।
अच्छे लोगों की गलतियों की बुरे लोगों की गलतियों की तुलना में ज्यादा आलोचना की जाती है।
मूर्ख लोग दूसरों पर हँसते हैं बुद्धिमान खुद पर।
आपके पास जो कुछ भी है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये, जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती।
अपनी गलतियों को दूसरे के सर पर मढ़ना नाकामयाब इंसानों की फितरत होती है।
मनुष्य ने आगे की चीजें देखने और अनुमान लगाने की क्षमता गवां दी है, अब उसका अंत पृथ्वी का विनाश करने से ही होगा।
सभी महान विचारकों का प्रारंभ में उपहास किया जाता है और अंतत: उन्हें पूजा जाता है।
बुद्धिमान व्यक्ति बोलते हैं क्योंकि उनके पास बोलने के लिए कुछ होता है, मूर्ख व्यक्ति बोलते हैं क्योंकि उन्हें कुछ न कुछ बोलना होता है।
सभी कर्मठ व्यक्ति स्वप्नद्रष्टा होते है।
हमारी दुनिया में इस बात को बहुत महत्त्व दिया जाता है कि हम वो करें जो और लोग कर रहे हैं और वो सोचें जो और लोग सोच रहे है।



