काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है।
सोच विचार करने में समय लगाएँ, लेकिन जब काम का समय आए, तो सोचना बंद करें और आगे बढ़ें।
कार्य की अधिकता से उकताने वाला व्यक्ति, कभी कोई बड़ा कार्य नहीं कर सकता।
छोटा कार्य आरम्भ करो, शीघ्र आरम्भ करो।
बुद्धि से विचारकर किए गए कर्म ही सफल होते हैं।
वह पुरूष धन्य है जो काम करने में कभी पीछे नहीं हटता, भाग्यलक्ष्मी उसके घर की राह पूछती हुई चली आती है।
महान विचार ही कार्य रूप में परिणत होकर महान कार्य बनते हैं।
कवि और चित्रकार में भेद है। कवि अपने स्वर में और चित्रकार अपनी रेखा में जीवन के तत्व और सौंदर्य का रंग भरता है।
जब तक मुझे यह भरोसा होता है कि यह सही कर्म है, मुझे संतुष्टि रहती है।
अवसर तो सभी को जिन्दगी में मिलते हैं, किंतु उनका सही वक्त पर सही तरीके से इस्तेमाल कुछ ही कर पाते है।



