हम जानते हैं कि हम क्या हैं, पर ये नहीं जानते कि हम क्या बन सकते हैं।
मरते दम तक तु अपने पसीने की रोटी खा।
मनुष्य अपने गुणों से आगे बढता है न कि दूसरों की कृपा से।
कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं होता केवल उसको उपयुक्त काम में लगाने वाला ही कठिनाई से मिलता है।
साख बनाने में बीस साल लगते हैं और उसे गंवाने में बस पांच मिनट। अगर आप इस बारे में सोचेंगे तो आप चीजें अलग तरह से करेंगे।
उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे।
अगर बिजनेस अच्छा करता है तो स्टाक खुद-बखुद अच्छा करने लगते हैं।
प्रबंधन मत कीजिये - बदलाव का नेतृत्व कीजिये, इससे पहले की आपको करना पड़े।
समय सीमा पर काम ख़त्म कर लेना काफी नहीं है, मैं समय सीमा से पहले काम ख़त्म होने की अपेक्षा करता हूँ।
कार्य ही सफलता की बुनियाद है।



