एक अच्छा निर्णय ज्ञान पर आधारित होता है नंबरों पर नहीं।

ईश्वर ने समझ की कोई सीमा नहीं रखी है।

चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए।

जिस प्रकार नेत्रहीन के लिए दर्पण बेकार है उसी प्रकार बुद्धिहीन के लिए विद्या बेकार है।

ज्ञान स्वयमेव वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका अविष्कार करता है।

बारह ज्ञानी एक घंटे में जितने प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं उससे कहीं अधिक प्रश्न मूर्ख व्यक्ति एक मिनट में पूछ सकता है।

एक बुराई, दूसरी बुराई को जनम देती है।

उस ज्ञान का कोई लाभ नहीं जिसे आप काम में नहीं लेते।

ज्ञानी वह है, जो वर्तमान को ठीक प्रकार समझे और परिस्थिति के अनुसार आचरण करे।

हिंदू संस्कृति आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित है।

End of content

No more pages to load

Next page