तेरी वफ़ा के तकाजे बदल गये वरना,
मुझे तो आज भी तुझसे अजीज कोई नहीं।
होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह,
तो मैं तेरे शहर में कभी धूप ना आने देता।
हर बात का कोई जवाब नही होता,
हर इश्क का नाम खराब नही होता,
यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले,
मगर हर नशे का नाम शराब नही होता।
मेरी चाहतें तुमसे अलग कब हैं, दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं;
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह, फिर ज़िन्दगी को साँसों की ज़रूरत कब है।
घायल कर के मुझे उसने पूछा, करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे;
लहू-लहू था दिल मगर होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।
रिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो, कि उसके दिल के सारे गम चुरा लो;
इतना असर छोड दो किसी पे अपना, कि हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो।
कुछ कह भी दो कुछ सुन भी लो;
अधूरे लफ्ज़, अधूरे अफ़साने अक्सर कहानी बन जाया करते हैं।
आँखों से दूर दिल के करीब था, मैं उस का वो मेरा नसीब था;
न कभी मिला न जुदा हुआ, रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था।
मैं नासमझ ही सही मगर वो तारा हूँ जो,
तेरी एक ख्वाहिश के लिए सौ बार टूट जाऊं।
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की,
लम्हें तो खुद-ब-खुद मिल जाया करते हैं।



