उसके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा;
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे।
सामने मंज़िल थी और पीछे उसका वजूद, क्या करते हम भी यारों;
रुकते तो सफर रह जाता, चलते तो हमसफ़र रह जाता।
दूरियों की ना परवाह कीजिये;
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये;
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे;
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये।
सीने में दिल तो हर एक के होता है;
लेकिन हर एक दिल में प्यार नहीं होता;
प्यार करने के लिए तो दिल होता है;
दिल में छुपाने के लिए प्यार नहीं होता।
अपने घर की खिड़की से मैं आसमान को देखूँगा;
जिस पर तेरा नाम लिखा है उस तारे को ढूँढूँगा;
तुम भी हर शब दिया जला कर पलकों की दहलीज़ पर रखना;
मैं भी रोज़ एक ख़्वाब तुम्हारे शहर की जानिब भेजूँगा।
तुम को हज़ार शर्म सही मुझ को लाख ज़ब्त;
उल्फ़त वो राज़ है कि छुपाया न जाएगा।
इश्क़ फिर वो रंग लाया है कि जी जाने है;
दिल का ये रंग बनाया है कि जी जाने है;
नाज़ उठाने में जफ़ाएं तो उठाई लेकिन;
लुत्फ़ भी ऐसा उठाया है कि जी जाने है।
मैं तेरे प्यार में इतना ग़ुम होने लगा हूँ;
जहाँ भी जाऊं बस तुम्हें ही सामने पाने लगा हूँ;
हालात यह हैं कि हर चेहरे में तू ही तू दिखता है;
ऐ मेरे खुदा अब तो मैं खुद को भी भुलाने लगा हूँ।
दिल के लुट जाने का इज़हार ज़रूरी तो नहीं;
यह तमाशा सरे बाजार ज़रूरी तो नहीं;
मुझे था इश्क़ तेरी रूह से और अब भी है;
जिस्म से कोई सरोकार ज़रूरी तो नहीं।
दुःख में ख़ुशी की वजह बनती है मोहब्बत;
दर्द में यादों की वजह बनती है मोहब्बत;
जब कुछ भी अच्छा ना लगे हमें दुनिया में;
तब हमारे जीने की वजह बनती है मोहब्बत।



