कुछ खेल नहीं है इश्क़ करना;
ये ज़िंदगी भर का रत-जगा है।
माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही;
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही;
उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन;
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।
करिये तो कोशिश हमको याद करने की;
फुर्सत के लम्हे तो अपने आप मिल जायेंगे;
दिल में अगर है चाहत हमसे मिलने की;
बहाने मिलने के खुद-ब-खुद बन जायेंगे।
रात होगी तो चाँद दुहाई देगा;
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा;
ये मोहब्बत है ज़रा सोच कर करना;
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा।
ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा;
क्योंकि हशर की परवाह मैं नहीं करता;
फनाह होना तो रिवायत है तेरी;
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता।
दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं ऐ सनम;
कि तस्वीर हमने हर तरफ तेरी ही लगा रखी है।
जो रहते हैं दिल में वो जुदा नहीं होते;
कुछ एहसास लफ़्ज़ों से बयां नहीं होते;
एक हसरत है कि उनको मनाये कभी;
एक वो हैं कि कभी खफा नहीं होते।
सोचता हूँ कि, कभी भी अब तुझे याद नहीं करूँगा;
फिर सोचता हूँ एक ये फ़र्क़ तो रहने दो हम दोनों में।
तू ही मिल जाये मुझे ये ही काफ़ी है;
मेरी हर साँस ने बस यही दुआ माँगी है;
जाने क्यों दिल खींचा जाता है तेरी तरफ़;
क्या तुमने भी मुझे पाने की कोई दुआ माँगी है।
ज़िंदगी जीने के लिए मुझे दुआ चाहिए;
उस पर किस्मत की भी वफ़ा चाहिए;
खुदा के रहम से सब कुछ है मेरे पास;
बस प्यार करने के लिए आप जैसा कोई महबूब चाहिए।



