न कोई सुबह है और न कोई शाम है!
हर लम्हा आपका ही नाम है!
इससे मजाक मत समझ लेना!
यह हमारी तरफ से प्यार का पैगाम है!
बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे!
बड़ी दुआओं से पाया है तुझे!
तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे!
किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे!
कभी-कभी ऐसा भी होता है!
प्यार का असर जरा देर से होता है!
आपको लगता है हम कुछ नहीं सोचते आपके बारे में!
पर हमारी हर बात में आपका ही जिक्र होता है
फिजा में महकती एक शाम हो तुम!
प्यार में छलकता जाम हो तुम!
सीने में छुपाये फिरते है हम याद तुम्हारी!
मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम!
हर खामोशी का मतलब इंकार नहीं होता!
हर नाकामयाबी का मतलब हार नहीं होता!
तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें न पा सके!
सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता!
क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है!
एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है!
लगने लगते है अपने भी पराये!
और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है!
हम रूठे तो किसके भरोसे!
कौन है जो आयेगा हमे मनाने के लिए!
हो सकता है तरस आ भी जाये आपको!
पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये!
हमारा हर लम्हा चुरा लिया आपने!
आँखों को एक चाँद दिखा दिया आपने!
हमें ज़िन्दगी तो दी किसी और ने!
पर प्यार इतना देकर जीना सिखा दिया आपने!
आँखों में तेरी डूब जाने को दिल चाहता है!
इश्क में तेरे बर्बाद होने को दिल चाहता है!
कोई संभाले मुझे, बहक रहे है मेरे कदम!
वफ़ा में तेरी मर जाने को दिल चाहता है!
इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए!
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए!
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था!
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!



