एक कहानी सी दिल पर लिखी रह गयी,
वो नज़र जो मुझे देखती रह गयी;
लोग आ कर बाजार में बिक भी गए,
मेरी कीमत लगी की लगी रह गयी।
हम तो बने ही थे तबाह होने के लिए;
तेरा छोड़ जाना तो महज़ एक बहाना बन गया।
जिनकी दास्ताँ सुन हम गुजर गए,
वो फिर अपनी साँसों का झोला भर लाये।
वो अक्सर मुझ से पूछा करती थी, तुम मुझे कभी छोड़ कर तो नहीं जाओगे,
आज सोचता हूँ कि काश मैंने भी कभी पूछ लिया होता।
दिल से खेलना हमें आता नहीं,
इसलिए इश्क की बाज़ी हम हार गए;
शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें,
इसलिए जिंदा ही मुझे वो मार गए।
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क और हम लावारिस हो गए।
सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से,
या तो दोनों आते हैं, या कोई नहीं आता।
जिंदगी अजनबी मोड़ पर ले आई है,
तुम चुप हो मुझ से और मैँ चुप हूँ सबसे।
ना शाखों ने पनाह दी, ना हवाओं ने बक्शा,
पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता।
हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे।



