टूटे हुए काँच की तरह चकनाचूर हो गए,
किसी को लग ना जाये इसलिए सबसे दूर हो गए।
तुम्हारा और मेरा इश्क है ज़माने से कुछ जुदा
एक तुम्हारी कहानी है लफ्जों से भरी एक मेरा किस्सा है ख़ामोशी से भरा।
थोड़ा और बताओ ना मुझे मेरे बारे में,
सुना है बहुत अच्छे से जानते हो तुम मुझे।
जब किसी ने पूछा हमसे कैसी है अब जिंदगी,
हमने भी मुस्कुरा कर कह दिया खुश है अब वो हमसे जुदा होकर।
अनजान सी राहों पर चलने का तजुर्बा नहीं था,
पर उस राह ने मुझे एक हुनरमंद राही बना दिया।
किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो,
रूह को जिस्म से लेने फ़रिश्ते नहीं आते।
करूँगा क्या जो हो गया नाकाम मोहब्बत में,
मुझे तो कोई और काम भी नहीं आता इसके सिवा।
तेरी महफ़िल से दिल कुछ और तनहा होके लौटा है,
ये लेने क्या गया था और क्या घर लेके आया है।
तेरी चाहत में हम रुस्वा सर ए बाजार हो गए,
हमने ही दिल खोया हम ही गुनहगार हो गए।
उम्र कैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते,
जहाँ ज़मानत देकर भी रिहाई मुमकिन नहीं।



