आज उसने एक और दर्द दिया तो खुदा याद आया;
कि हमने भी दुआओं में उसके सारे दर्द माँगे थे।
आग़ाज़-ए-मोहब्बत का अंजाम बस इतना है;
जब दिल में तमन्ना थी अब दिल ही तमन्ना है।
चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ;
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ।
अनुवाद:
नशात = खुशियां
महव-ए-यास = दुखों में खोया
कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए;
हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है;
मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है;
हम तन्हाई में बैठे रोते हैं;
लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है।
उसे कह दो वो मेरा है किसी और का हो नहीं सकता;
बहुत नायाब है मेरे लिए वो कोई और उस जैसा हो नहीं सकता;
तुम्हारे साथ जो गुज़ारे वो मौसम याद आते हैं;
तुम्हारे बाद कोई मौसम सुहाना हो नहीं सकता।
महफ़िल भी रोयेगी, महफ़िल में हर शख्स भी रोयेगा;
डूबी जो मेरी कश्ती तो चुपके से साहिल भी रोयेगा;
इतना प्यार बिखेर देंगे हम इस दुनिया में कि;
मेरी मौत पे मेरा क़ातिल भी रोयेगा।
मरहम न सही कोई ज़ख्म ही दे दो ऐ ज़ालिम;
महसूस तो हो कि तुम हमें अभी भूले नहीं हो।
अब किस से कहें और कौन सुने जो हाल तुम्हारे बाद हुआ;
इस दिल की झील सी आँखों में एक ख़्वाब बहुत बर्बाद हुआ;
यह हिज्र-हवा भी दुश्मन है उस नाम के सारे रंगों की;
वो नाम जो मेरे होंठों पर खुशबू की तरह आबाद हुआ।
लोगों से कह दो हमारी तक़दीर से जलना छोड़ दें;
हम घर से खुदा की दुआ लेकर निकलते हैं;
कोई न दे हमें खुश रहने की दुआ तो भी कोई बात नहीं;
वैसे भी हमें खुशियां रास नहीं अक्सर इस वजह से लोग छूट जाते हैं।



