तेरे गमों को तेरी ख़ुशी कर दें,
हर सुबह तेरी दुनिया में रौशनी भर दें;
जब भी टूटने लगें तेरी साँसे,
खुदा तुझमें शामिल मेरी जिंदगी कर दे।
काश एक दिन ऐसा भी आये;
तू मुझ से लिपट कर कहे बस और नहीं रहा जाता तेरे बिना!
तेरा नाम लूँ जुबां से तेरे आगे ये सिर झुका दूँ;
मेरा इश्क़ कह रहा है, मैं तुझे खुदा बना दूँ!
तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है, तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है;
खूबसूरती की इंतेहा है तू, तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है!
मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल;
वरना शौक तो आज भी है बारिशो में भीगने का!
ये देखो फिर से आ गईं फूलों पे तितलियाँ;
इक रोज़ वो भी आएगा अफ़्सोस मत करो!
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ;
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ!
काश एक ख्वाहिश हो पूरी इबादत के बगैर;
वो आकर गले लगा ले मेरी इज़ाज़त के बगैर!
कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए;
वो सो गया है मुझे ख़्वाब से जगाते हुए!
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी;
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी!



