संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
जब-जब जग किसी पर हँसा है,
तब-तब उसी ने इतिहास रचा है!
हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले;
जो सबके दिल पे छा जाए उसे इंसान कहते हैं!
फिकर मत कर बन्दे कलम कुदरत के हाथ है,
लिखने वाले ने लिख दिया तकदीर तेरे साथ है,
फिकर करता है क्यूँ फिकर से होता है क्या,
रख खुदा पे भरोसा देख फिर होता है क्या!
दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत;
यह एक चिराग कई आँधियों पे भारी है!
चलो चाँद का किरदार अपना लें हम दोस्तों;
दाग अपने पास रखें और रोशनी बाँट दे!
आये हो निभाने को जब, किरदार ज़मीं पर;
कुछ ऐसा कर चलो कि ज़माना मिसाल दे!
क्या मस्लहत-शनास था वो आदमी 'क़तील';
मजबूरियों का जिस ने वफ़ा नाम रख दिया!
बारिश शराब-ए-अर्श है ये सोच कर 'अदम';
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया!
एक बोतल शराब के लिए, कतार में ज़िन्दगी लेकर खड़ा हो गया!
मौत का डर तो वहम था, आज नशा ज़िन्दगी से बड़ा हो गया!
इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं;
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद!



