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ना इलाज है ना दवाई है;
ऐ इश्क़ तेरे टक्कर की बला आयी है!

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न दिन पता चल रहा है, न रात
न रविवार, न सोमवार, न मार्च, न अप्रैल!
इन सब से अब मैं ऊपर उठ गया हूँ!
हे प्रभु, क्या मुझे मोक्ष प्राप्त हो गया है?

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कुछ सिखाकर ये दौर भी गुजर जायेगा;
फिर एक बार हर इंसान मुस्कुराएगा!
मायूस न होना मेरे दोस्तों इस बुरे वक़्त से;
कल, आज है... और आज, कल हो जाएगा।

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समय-समय की बात है,
कभी घर पर पड़े रहने वाले को 'निकम्मा' कहा जाता था और आज 'समझदार'!

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सभी मंदिर बंद हैं, क्योंकि सभी भगवान सफ़ेद कोट पहनकर अस्पताल में हैं!

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घर बैठ गए तो जीत गए, बाहर निकल गए तो हार गए!
इतिहास में ये पहला युद्ध है, जिसे घर बैठ कर जीता जा सकता है!
कोरोना भगाओ देश बचाओ!

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दोस्तों भले ही आप भाड़ में जाओ लेकिन भीड़-भाड़ में कभी ना जाओ!

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फांसी का फंदा जिनका इंकलाब हिला ना सका,
जिनकी क़ुरबानी मुल्क आज भी भुला ना सका,
मरकर जिनका चोला बसंती हुआ,
ऐसा इतिहास दोबारा लिखा जा ना सका!
इस शहीदी दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शत शत नमन!

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किसी को धोखा देकर ये मत सोचो कि वो कितना बेवकूफ है, ये सोचो कि उसे तुम पर कितना भरोसा था!

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स्कूल छूट जाते हैं लेकिन इम्तिहान कहाँ खत्म होते हैं!

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