खुद के बारे में न किसी पीर से पूछो, न किसी फ़कीर से पूछो;
बस कुछ देर आँखें बंद कर अपने ज़मीर से पूछो!
आज का ज्ञान :
इश्क़ और रायता उतना ही फैलाओ जितना बाद में समेट सको!
हज़ारों ख्वाब टूटते हैं तब कहीं एक सुबह होती है!
खुश रहिये नहीं तो आपके डॉक्टर खुश रहेंगे!
पुराने दिनों घर में अजब रिश्ता था, दरवाज़े भी आपस मे गले लगते थे।
अब तो दरवाजा भी अकेला हो गया है!
बस इतना ही ज़माना बदला है कि युगों पहले लोग क्रोधित होकर श्राप देते थे!
और आजकल ब्लॉक कर देते हैं!
आज का ज्ञान:
आपको सही वक्त का पता तब चलेगा, जब आप घड़ी देखोगे!
सुकून के भी हजार नखरे हैं,
तमाम कोशिशों के बाद भी मिलता नहीं!
मेरी कमियां और मेरी खूबियां सिर्फ मुझे ही बताना!
मेरी कोई ब्रांच नहीं है!
नाराज़गी भी एक खूबसूरत रिश्ता है!
जिससे भी होती है, वह व्यक्ति दिल और दिमाग, दोनों में रहता है!



