भविष्य किसी का सुनिश्चित नहीं है;
भविष्य का निर्माण करना पड़ता है।
लोग कहते हैं दुःख बुरा होता है जब आता है रुलाता है;
मगर हम कहते हैं दुःख अच्छा होता है;
जब भी आता है कुछ न कुछ सिखा जाता है।
जो अपने जोश और जूनून को ठंडा कर देता है;
उससे फिर संसार में कोई और कार्य नहीं हो पाता।
जो आपसे जलते हैं उनसे घृणा कभी ना करें;
क्योंकि यही तो वह लोग हैं;
जो यह समझते हैं कि आप उनसे बेहतर हैं।
झूठा अपनापन तो हर कोई जताता है;
वो अपना ही क्या जो पल-पल सताता है;
यकीन ना करना हर किसी पर;
क्योंकि करीब है कितना कोई यह तो वक़्त ही बताता है।
स्वयं का बचाव करने के लिए कभी दूसरों पर दोषरोपण मत करो;
क्योंकि समय के पास सत्य को प्रकट करने का अपना तरीका है।
किसी के गुणों की प्रशंसा करके अपना समय नष्ट मत करो बल्कि उसके गुणों को अपनाने का प्रयास करो।
समय, सत्ता, संपत्ति और शरीर चाहे साथ दें ना दें;
लेकिन;
स्वाभाव, समझदारी, सत्संग और सच्चे संबंध हमेशा साथ देते हैं।
अब वफ़ा की उम्मीद भी किस से करें भला;
मिट्टी के बने लोग कागज़ में बिक जाते हैं।
दुनिया बड़ी भुलक्कड़ है, वह तो उतना ही याद रखती है जितने से उसका स्वार्थ होता है।



