किसी एक विचार को अपने जीवन का लक्ष्य बनाओ;
कुविचारों का त्यागकर केवल उसी विचार के बारे में सोचो;
तुम पाओगे कि सफलता तुम्हारे कदम चूम रही है।
दूसरों की गलतियों से अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखो, सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ेगी।
किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना चाहिए;
सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।
एक नफरत ही है जिसे दुनिया लम्हों में ही जान लेती है;
चाहत का पता लगने में तो जमाने बीत जाते हैं।
खुद का अपमान कराके जीने से तो अच्छा है मर जाना;
क्योंकि प्राणों को त्यागने से केवल एक ही बार कष्ट होता है;
पर अपमानित होकर जीवित रहने से आजीवन दुःख होता है।
किसी को नजरों में ना बसाओ;
क्योंकि नजरों में सिर्फ सपने बसते हैं;
बसाना ही है तो दिल में बसाओ;
क्योंकि दिल में सिर्फ अपने बसते हैं।
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए;
आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित होना पड़ेगा।
मनुष्य अपने अभाव से इतना दुखी नहीं है;
जितना दूसरे के प्रभाव से दुखी होता है।
जिस व्यक्ति के हृदय में दया और प्रेम बसते हैं;
जिसका मुख सदैव अमृतवाणी बोलता है;
और जिसके नेत्रों में विनय दिखता है;
"वही श्रेष्ठ मानव है।"
जो आपसे दिल से बात करता हो;
उसे कभी दिमाग से जवाब मत देना।



