कोई रूठे अगर तुमसे उसे फ़ौरन मना लेना;
क्योंकि जंग में अक्सर जुदाई जीत जाती है।
झूठ, बेवजह दलील देता है;
सच खुद अपना वकील होता है!
कौन देता है उम्र भर का सहारा। लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं।
नारद जी ने कृष्णा से पूछा, "प्रभु, इस दुनिया में सब के सब दुखी क्यों हैं?"
कृष्णा जी बोले, "खुशियाँ तो सबके पास हैं, बस एक की ख़ुशी से दूसरा परेशान है।
जब किसी को चाहो तो ये उम्मीद मत करो कि वो भी तुम्हें ही चाहे।
कोशिश करो कि
तुम्हारी चाहत ऐसी हो की उसे तुम्हारे सिवा किसी और की चाहत पसंद न आये।
अगर आपने किसी जरुरतमंद की सेवा की तो धन्यवाद के पात्र आप नहीं वह जरुरतमंद व्यक्ति हैं, क्योंकि उसने आपको सेवा का मौका दिया।
कोई कार्य तुच्छ नहीं होता। यदि मनपसन्द कार्य मिल जाए, तो मूर्ख भी उसे पूरा कर सकता हैं, किंतु बुद्धिमान इंसान वही हैं, जो प्रत्येक कार्य को अपने लिए रुचिकर बना ले।
कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो, आंखे मूंदकर उसके पीछे न चलिए।
यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आंख, नाक, कान, मुंह, मस्तिष्क आदि क्यों देता?
सत्य के लिए हर वस्तु की बलि दी जा सकती हैं;
किन्तु सत्य की बलि किसी भी वस्तु के लिए नहीं दी जा सकती हैं।
कभी भी 'कामयाबी' को दिमाग और 'नकामी' को दिल में जगह नहीं देनी चाहिए।
क्योंकि, कामयाबी दिमाग में घमंड और नकामी दिल में मायूसी पैदा करती है।



