कर्म करने से हार या जीत कुछ भी मिल सकता है।
लेकिन कर्म न करने से केवल हार ही मिलती है।
पहाड़ से गिरा हुआ इंसान फिर से उठ सकता है;
मगर नज़र से गिरा हुआ इंसान कभी नहीं उठ सकता।
दिल से दूसरों की सेवा करो तो दुआओं का दरवाजा खुल जायेगा।
मनुष्य सुबह से शाम तक काम करके उतना नहीं थकता;
जितना क्रोध और चिंता से एक क्षण में थक जाता है।
बचपन से साफ़ रखते रहे हम अपना दिल।
लेकिन अब मालूम पड़ा कि
कीमत तो चेहरे की होती है, दिल की नहीं।
ज्ञान का घमंड सबसे बड़ी अज्ञानता है।
एंव
अपने अज्ञानता की सीमा को जानना ही सच्चा ज्ञान है।
समय, सत्ता, संपत्ति और शरीर;
सदा साथ नहीं देते।
परन्तु
स्वभाव, समझदारी, सत्संग और सच्चे संबंध;
सदा साथ देते हैं।
आया न कुछ, न जायेगा साथ;
फिर क्यों रहता है, तु उदास;
कर्मो की है ये माया, कर्म करो यार;
अच्छा कर्म करके, खुदा से करो प्यार।
हम ख़ुशी के विषय में सोचेंगे तो खुश रहेंगे।
और
हम दुःख के विषय में सोचेंगे तो दुखी रहेंगे।
स्वार्थ में अच्छाईयाँ ऐसे खो जाती है जैसे समुंदर में नदियाँ।



